Focus only one……it’s way of success… In hindi

Focus only one……it’s way of success… In hindi

     Hi दोस्तों आप हैं।आप है प्रेरणादायीं chakhdey पर आज हम बात करेंगे एक ऐसे टॉपिक पर जो हमारी सफलता मे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । पहले एक कहानी बताता हूँ।

        रामचरण नाम का एक लड़का एक आश्रम मे पढ़ने के लिए जाता है। वहाँ के जो प्रमुख आचार्य होते है उनसे मिलता है कि उससे युद्ध कला मे पारांगत होना है । सबसे श्रेष्ठ योद्धा बनना है। आचार्य बोलते है ठीक है।कल से तुम्हारी कक्षाऐं शुरू होगी। दूसरे दिन सभी विद्यार्थियों के साथ रामचरण की practice शुरू होती है। रामचरण बहुत ज्यादा hard work करता है।पूरे आश्रम  मे उसकी hard working की चर्चाएं होती है।सभी बोलते है कि इस बार अश्रम की युद्ध प्रतियोगिता मे रामचरण ही जीतेगा।युद्ध प्रतियोगिता का time आता है।तीरंदाजी,भाला ,गदा,तलवारबाजी आदि events होते हैं।लेकिन रामचरण कोई भी event नही जीत पाता।अश्रम के सभी आचार्य भी बहुत दुखी होते हैं।पर प्रमुख आचार्य मुस्कुराते हैं। रामचरण को अपने पास बुलाकर पूछते हैं कि तुम्हे अपने हारने का कारण पता है।रामचरण हाथ जोड़कर बोलता है गुरुदेव मैंने सभी से ज्यादा मेहनत की थी।ये मुझे पढ़ाने वाले सभी आचार्यों को भी पता है। मुझे भी अभी तक यक़ीन नही हो रहा की मैं कैसे हर सकता हूँ।
                आचार्य प्रमुख मुस्कुराते हैं और बोलते हैं बेटा तुमने बहुत मेहनत की पर किसी एक चीज पर ही ध्यान नही दिया जिससे तुम्हारी मेहनत सभी कलाओ को सीखने मे बट गई।हर एक कला को सीखने के हिस्से मे बहुत कम मेहनत आई।यदि तुम ये सारी मेहनत किसी एक युद्घ कला को सीखने मे लगाते तो उस कला मे तुम्हें कोई नही हरा सकता था। तुमने जितने भी महान योद्धायों के बारे मे सुना या पड़ा होगा।वो सभी किसी एक ही कला मे पारंगत होते हैं जैसे अर्जुन श्रेष्ट धनुर्धर था।क्योंकि उसने पूरा ध्यान  और सबसे ज्यादा मेहनत केवल धनुर्विद्या सिखने मे कि यदि तुमको भी श्रेष्ट युद्धा बनाना है तो केवल किसी एक ही कला पर सारा ध्यान केंद्रित करना होगा।रामचरण ने आचार्य के चरणों को छुआ और बोला कि वह अगले साल की प्रतियोगिता मे सर्वश्रेष्ट तलवार बाज़ वही होगा।अगले साल के लिए रामचरण केवल पूरा ध्यान तलवारबाज़ी पर ही देता है और प्रतियोगिता मे सर्वश्रेष्ट तलवार बाज़ का पुरुष्कार प्राप्त करता है।
          दोस्तों इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है कि हमें पहले अपना एक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।उसके बाद पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर होना चाहिये।हमारे पास असीमित शक्ति होती है।पर हम इसे devid कर देते हैं।जिससे हमें उपेक्षित परिणाम प्राप्त नही होता है। जैसे सूर्य की किरण बिखरी होती है।तब इनकी शक्ति कम होती है पर जब लैंस दुआरा इनको एक जगह केंद्रित किया जाता है तो कागज को जला देतीं हैं।इसी तरह हमारे mind की शक्ति भी अलग-अलग-अलग जगह बटी रहती है।यदि केवल एक जगह केंद्रित करें तो कोई भी सफलता आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
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