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story in hindi writing

 दोस्तों आज हम In hindi story पर आपके कर लिए एक और motivational story लेकर आये हैं। यह कहानी आपको निश्चित रूप से प्रेरित करेगी।

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       एक बार एक पुत्र ने बहुत दुखी और जिंदगी से निराश होकर अपने पिताजी से शिकायत की वो अपनी जिंदगी से बहुत परेशान हो चुका है । रोज उसकी life में नई नई परेशानी आती रहती हैं। एक problem सॉल्व करता हूँ तो दूसरी problem उत्पन्न हो जाती है। हमेशा मेरे साथ ही क्यूँ ऐसा होता है?
 
       पिता ने पुत्र को कहा ” जाओ kitchen से कुछ अंडे , कुछ आलू और कुछ कॉफी बिन्स ले कर आओ।” पुत्र ने वैसा ही किया।
 
        पिता ने फिर पुत्र से कहा अब इन्हें छूकर बताओ इनके बारे में। पुत्र ने कहा पिताजी आलू कठोर है , अंडे मुलायम हैं और कॉफी बिन्स ठोस हैं।
 
       पिता ने फिर पुत्र को कहा good अब एक काम करो इन तीनों को पानी में कुछ समय के लिए उबालो ( गर्म ) कर के लेकर आओ। पुत्र किचन में जाकर तीनो को अलग अलग बर्तन में उबाल कर तीनो बर्तनों को लेकर आता है। एक बर्तन में आलू , दूसरे में अंडे और तीसरे बर्तन में कॉफी बिन्स।
 
     पिताने अब पुत्र से कहा अब फिर से तीनों को छूकर बताओ । पुत्र को अभी भी कुछ समझ नही आया कि आखिर पिताजी क्या साबित करना चाहते हैं। मैंने अपनी जीवन की परेशानी share की और ये कुछ और ही काम करवा रहे मुझे से पर खैर उसने फिर से आलू को छुआ फिर अंडे को छुआ पर कॉफी के बिन्स पानी में मिक्स हो गए।
 
    पूत्र ने पिता को जबाब दिया कि ” पिताजी आलू अब मुलायम हो गए हैं , अंडे कठोर हो गए और कॉफी के बिन्स पानी में मिक्स हो गए और उनसे मस्त खुशबू आ रही है।”
 
     पिता ने मुस्कुराते हुए कहा बस यही मैं तुम को समझना चाहता हु कि इन तीनों ने समान परिस्थितियों का सामना किया , आलू कठोर था तो तो वो इस परिस्थिति में कमजोर हो गया , अंडे मुलायम थे तो वो इस परिस्थिति का सामना कर कठोर हो गए, और कॉफी बीन्स ने इस परिस्थिति का  उपयोग कर खुसबू में बदल गए।”
 
       पिता ने आगे कहा ” बेटा ख़राब situation हर किसकी जिंदगी में आती हैं पर वो उन परिस्थिति का सामना कैसे करता है यही तरीका उस व्यक्ति को महान बनाता है। जैसे आलू मुलायम हो गये , अंडे सख्त हो गए जबकि उसी परिस्थिति का use कर कॉफी बीन्स ने खुसबू उत्पन्न की। बेटा तुमको भी कॉफी बीन्स की तरह विपरीत परिस्थितियों का फायदा उठाना है।”
 
       पुत्र को अब अपने पिताजी की बात अच्छी तरह से समझ आ गई। उसने अपने पिता से वादा किया कि वो अब कभी भी अपनी life की शिकायत नही करेगा। हर situation का हल निकालेगा।
 
    दोस्तों ये एक short कहानी है पर जिंदगी का एक बड़ा सबब देती है कि हर problem में एक अवसर छुपा होता है। बस हमे इस अवसर को पहचानकर इसका फायदा उठाना चाहिए।
 
 
       यदि आपके पास भी को ऐसी ही motivational hindi story हो तो हमे send कर सकते हैं। हम आपकी post को आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे। हमारा पता है [email protected]
 
 

Story with moral in hindi

Story in hindi with moral

आज हम आपके लिए story in hindi with moral पोस्ट के रूप में सर्वश्रेष्ठ story in hindi with moral लेकर आये हैं। ये hindi stories आपको motivate करने के साथ – साथ आप में एक नया नजरिया विकसित करेगी जिससे आप अपने जीवन में आने वाली बाधाओं से मजबूती से संघर्ष कर सकें। सर्वश्रेष्ट कहानियां :-

Contents:-

  1. 11 hindi moral story
  2. 75 story in hindi with moral list 


1. असली विजेता 
Real winner

कई बार आप जीवन में हार जाते हैं और काफी निराश हो जाते है कभी कभी तो लोग बहुत ज्यादा डिप्रेशन में भी चले जाते हैं। आज के इस युग में ज्यादातर यही सिखाया जाता है कि यदि आप जीतते हैं तो ही आपकी value है। हारने वाले व्यक्ति की कोई वैल्यू नही। पर आज इस story in hindi with moral से आप सीखेंगे की असली winner किसे कहा जाता है-

Hindi stories
  1. ओलंपिक में भाग लेना ही एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है । लारेंस लेमिक्स ( Lawrence lemieux) ओलंपिक में नाव की रेस में बुरी तरह से फंस चुके एक प्रतियोगी की सहायता करने के लिए वो रुक जाते हैं। सारी दुनिया देख रही थी कि उन्होंने अपने जितने से ज्यादा एक जिंदगी को बचाने को ज्यादा अहमियत दी। हालांकि वो नोका दौड़ नही जीते फिर भी वो विजेता थे। कई देशों ने उन्हें सम्मानित किया गया।
  2. रुबेन gonzales रेकेटबॉल की विश्व championship के फाइनल मैच में खेल रहे थे। इस फाइनल खेल के मैच पॉइंट पर gonzeles ने एक बेहतरीन शॉट खेला। रैफरी और लाइंसमैन ने शॉट को सही बताते हुए , उन्हें विजेता घोषित कर दिया। थोड़े रुकने और हिचकिचाने के बाद gonzales ने अपने प्रतियोगी को हाथ मिलाते हुए कहा शॉट गलत था । इसका परिणाम ये हुआ कि वे सर्विस हार गए और मैच भी। 
                    हर कोई हैरान था। कोई सोच भी नही सकता था कि कोई इंसान जिसके पक्ष में सब बातें हो और जिसे विजेता भी घोषित कर दिया हो वो इतनी सरलता से हार को गले लगा लेगा। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ऐंसा क्यों किया तो उन्होंने जवाब दिया की ” मेरे पास अपने जमीर को बचाये रखने के लिए इसके अलावा कोई और रास्ता नही था।” gonzeles मैच जरूर हार गए थे फिर भी वो एक विजेता थे । स्वार्थ के ऊपर ये जमीर की जीत थी।
Moral of story :- हार जीत के इस खेल में नैतिकता सर्वोच्च चीज है। पुराने समय में नैतिकता हमारी शिक्षा और जीवन का अनिवार्य अंग थी। पर आज की आधुनिक शिक्षा में ये विलुप्त सी होती जा रही है। story in hindi with moral यह है कि जीवन को beautiful बनाने के लिए हमारे अंदर नैतिकता का होना जरुरी है।

2.सब विजेता हैं

Every one a winner

Hindi kids story
सब विजेता हैं story in hindi with moral यह story ये बताती है कि कोई कभी हारता नही है अपने स्तर पर सभी एक विजेता होते है।
               एक मैराथन दौड़ में राम , श्याम और रवि ने भाग लिया सैकड़ो लोगो के साथ उन्हीने भी दौड़ना शुरू किया। कोई और बन्दा इस दौड़ को जीत गया। तो इसका क्या ये मतलब है कि राम , श्याम और रवि हार गए? बिल्कुल नही वो हारे नही हैं। उन तीनों ने अलग अलग उद्देश्य से मैराथन दौड़ में भाग लिया था। राम का उद्देश्य था कि वह अपनी क्षमता को अजमाना चाहता था और उसने जितना सोचा था उससे कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। श्याम का उद्देश्य था कि वह अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर प्रदर्शन करना चाहता था जो उसने किया। रवि के उद्देश्य था कि वह दौड़ में भाग ले जो उसने पूरा किया। तीनों जिस उद्देश्य से दौड़े उन्होंने उसे पूरा किया वो तीनो भी विजेता थे चाहे उन्हें कोई मैडल नही मिला हो।
Moral of story :-  आप अपनी हार से हताश न हो आप भी कहीं न कहीं एक विजेता हैं। आपके उद्देश्य और मेहनत के अनुसार आप सदैव एक विजेता होते हैं।

3. क्या आपका जीवन बचाने लायक है?
Is your life worth saving

Moral stories for students
यह एक बेस्ट मोरल स्टोरी इन हिंदी short है। एक लड़का नदी में डूब रहा था । वह मदद के लिया जोर जोर से चिल्ला रहा था तभी एक व्यक्ति ने उसे बचाने के लिए नदी के छलाँग लगा दी । कभी मसकत के बाद वह व्यक्ति उस लड़के को किनारे पर ले कर आया। जब व्यक्ति जाने लगा तो उस लड़के ने हाँफते हुए कहा ” मेरी जान बचाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।”  उस आदमी ने लड़के की आँखों में देखते हुए कहा ” बेटा जब तुम बड़े हो जाओ तो इस बात को साबित करना कि तुम्हरी जिंदगी बचाने लायक थी।”
Moral of story :- मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि आप एक बार अपनी जिंदगी के बारे मे सोचें कि कही आप इसे यूँ ही तो व्यर्थ नही गँवा रहे।

4. मिदास का स्पर्श

The Midas touch

Hindi stories
मिदास का स्पर्श story in hindi with moral । यह story  कहानी बताती है कि कभी कभी हमारी जो इच्छा पूरी होती है । वह भी हमे दुःख पहुंचाती है। यह राजा मिदास की कहानी है जो शायद अपने पहले भी पढ़ी होगी ।
          राजा मिदास को सोने ( Gold) से बहुत ज्यादा लगाव था। एक दिन जब वो सोना गिन रहा था तभी एक अजनबी आता है और राजा को बोलता है ” राजा तुम कोई भी एक वरदान माँग लो जो तुम्हारी इच्छा हो।” ,राजा खुश हो जाता है और वरदान मांगता है कि ” मैं जिस भी वस्तु को छू लू वो सोना बन जाये।” अजनबी ने कहा ठीक है ” मैं तुम्हें ये वरदान देता हूँ कि कल सुबह सूरज की पहली किरण के बाद तुम जो भी वस्तु को छुओगे वह सोना बन जायेगी।” ऐसा कहकर वो अजनबी चला जाता है।
          अगले दिन सुबह राज अपने पलंग को छूता है । पलंग सोने का बन जाता है राजा मिदास को बहुत ख़ुशी होती है। उसने खिड़की से देखा तो पाया कि उसकी नन्ही बच्ची खेल रही है। राजा उस नन्ही बच्ची को अपना ये चमत्कार दिखना चाहत था । राजा अपने कमरे से बहार निकला और ये किताब को पढ़ने के लिए हाथ में लिया तो वो किताब सोने की बन गई। राजा किताब नही पड़ पाया ,  बगीचे में घूमने के लिए गया एक फूल को हाथ लगाया वह भी सोना बन गया। जब राजा भोजन करने बैठा और जैसे ही रोटी को हाथ लगाया वह रोटी भी सोने की बन गई। अब राजा ने अपनी नन्ही सी बिटिया को खिलाने के लिए छुआ तो वह भी सोने की बन गई। यह देखकर राजा के चेहरे की सुर्खियां उड़ गयीं।

            राजा रोने लगा और बोलने लगा कि ” मेरी बेटी मुझ से छीन गई , मैं खा और पी भी नही सकता।” यह वरदान नही ये तो अभिशाप है ये यह सब मेरे लालच के कारण हुआ है।” उसी समय वह अजनबी फिर राजा के पास आता है और राजा से पूछता है कि ” क्या आप मेरे वरदान से खुश हैं? राजा ने रोते हुए कहा ” मैं इस वरदान के कारण दुनिया के सबसे अभागा व्यक्ति बन गया हूँ।” अजनबी ने कहा ” अब बताओ तुम्हे क्या चाहिए अपनी बेटी और भोजन या फिर सोना और सोने की बनी बेटी।” राजा मिदास ने गिड़गिड़ाकर कहा ” मुझे अपनी बेटी और पुराना जीवन ही चाहिए ये सोना और ये जीवन सब मेरे लिए मूल्यहीन हैं।” उस अजनबी ने अपना वरदान बापस ले लिया। राजा को अपनी बेटी बापस मिल गई और एक सबक भी जिसे वि जिंदगी भर नही भूल सका।

Moral of story :- मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि लालची लोग अपने लालच के कारण मुसीबत में फस जाते हैं।
           

5. एक पिल्ला 

A pappy

Story in hindi for kids

एक बच्चा पालतू जानवर की दुकान में एक पिल्ला खरीदने के लिए गया। वहाँ पर कई सारे पिल्ले बैठे हुए थे। हर एक पिल्ले की कीमत 50 डॉलर थी । एक पिल्ला सबसे अलग एक कोने में बैठा था। बच्चे ने उस पिल्ले की और इशारा करते हुए पूछा कि ” क्या ये पिल्ला बिकाऊ है और ये सबसे अलग क्यों बैठा है? दुकानदार ने जवाब दिया ” यह एक अपाहिज पिल्ला है ये बिकाऊ नही है।”

        बच्चे ने फिर पूछा ” इस पिल्ले को क्या हुआ है और आप अब इसका क्या करोगे? दुकानदार ने कहा ” इस पिल्ले की एक पैर खराब हो गया है इस अब मौत की नींद सुला दिया जायेगा।” बच्चे ने पूछा की क्या वह अभी उस पिल्ले के साथ खेल सकता है । दुकानदार ने कहा ” हाँ तुम खेल सकते है।” बच्चे ने उस पिल्ले को अपनी गोद मे उठाया तो वह पिल्ला उस बच्चे को चाटने लगा।  उस बच्चे ने निर्णय कर लिया की वह इस पिल्ले को खरीदेगा। पर दुकानदार ने कहा ” यह एक अपाहिज पिल्ला है ये बिकाऊ नही है।” पर वः छोटा बच्चा जिद करने लगा तो दुकानदार मन गया।

            उस बच्चे ने दुकानदार को 2 डॉलर दिए बाकि 48 डॉलर लेने के लिए अपने घर की और दौड़ा अभी वह दुकान से बाहर ही निकलने वाला था कि दुकानदार ने चिल्लाकर पूछा ” मुझे समझ नही आ रहा की तुम इतने डॉलर में एक अच्छा पिल्ला खरीद सकते हो फिर भी इस अपाहिज पिल्ले को क्यों खरीदना चाहते हो।”  लड़के ने कुछ जवाब नही दिया बस मुस्कुराया और अपनी पेंट को ऊंचा किया तो उसकी एक टांग में उसने ब्रेस पहन रखी थी उसका भी एक पैर ख़राब था। दुकानदार ने यह देखकर कहा ” मैं अब समझ गया कि तुम इस अपाहिज पिल्ले को ही क्यों खरीदना चाहते हो।”

Moral of story :- मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि आप किसी व्यक्ति की परेशानी को तभी अच्छे से समझ सकते हैं जब अब भी उसी परेशानी से गुजरें हों।

6. मुझे पता था तुम जरूर आओगे

I knew that you would come

Moral hindi stories
यह एक best moral story in hindi है। बचपन के दो दोस्त थे जो स्कूल , collage यहाँ तक की फ़ौज में भी साथ ही भर्ती हुए। कुछ दिनों बाद युद्ध छिड़ गया दोनों दोस्त एक ही यूनिट से थे। एक रात उन पर हमला हो गया चारो तरफ गोलियाँ वर्ष रही थी। ऐसे समय में ही अँधेरे से आवाज आई  ” हैरी यहाँ आओ मेरी मदद करो।” हैरी ने अपने बचपन के दोस्त बिल ( Bil ) की आवाज तुरंत पहचान ली। हैरी ने अपने कैप्टन से पूछा ” सर क्या मैं बिल की मदद करने के लिए जा सकता हूँ।” कैप्टन ने जवाब दिया ”  मैं तुम्हें जाने की इजाजत नही दे सकता वैसे भी मेरे पास सैनिक कम है मैं तुम्हें खोना नही चाहता वैसे भी आवाज से लग रहा है तुम्हारे दोस्त बिल को बचाया नही जा सकता है।
         हैरी चुप रहा। फिर आवाज आई ” हैरी मेरी मदद करो। हैरी अब भी चुपचाप बैठा रहा क्योंकि उसके कैप्टन ने उसे इजाजत नही दी थी। पर आवाज बार बार आ रही थी । अब हैरी से और नही रहा गया वह कैप्टन से बोला ” कैप्टन कुछ भी हो मुझे जाना ही होगा आखिर वो मेरे बचपन का दोस्त है।”इस बार कैप्टन ने उसे बेमन से जाने की इजाजत दे दी। हैरी रेंगता हुआ गड्ढे में आगे बढ़ा और कुछ देर में बिल को खींचकर बाहर ले आया। कैप्टन ने आकर देखा तो बिल मर चुका था। यह देख कैप्टन गुस्सा में हैरी पर चिल्लाया ” मैंने पहले ही कहा था कि वह नही बचेगा फिर भी तुम ने मेरी बात नही मानी तुम्हारी इस बेवकूफी के कारण में एक और सैनिक के रूप में तुम्हे खो देता।”  हैरी ने जवाब दिया ” कैप्टन मैंने जो किया सही किया जब मैं बिल के पास पहुंचा तो उसके आखरी शब्द थे कि “हैरी मुझे पता था कि तुम जरूर आयोगे।”
Moral of story :- मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि यदि कोई आप पर विश्वाश करता है तो आपकी भी जिम्मेदारी बनती है कि उस विश्वास को न तोड़ें विश्वास बनाये रखें।

7. मुँह से निकले शब्द बापस नही आते

यह story in hindi with moral है जो एक शिक्षाप्रद कहानी है। एक किसान का अपने पड़ोसी से कुछ बात को लेकर झगड़ा हो जाता है। किसान अपने पड़ोसी को बहुत ज्यादा अपशब्द बोल देता है। कुछ समय बाद किसान को अहसास हुआ कि उसने अपने पडोसी के साथ बुरा व्यवहार किया है। इसका पश्चाताप करने के लिए वह एक पादरी के पास जाता है और पादरी से कहा ” मैंने अपने पड़ोसी को बहुत अपशब्द बोलें है मैं अपनी व्यवहार से दुखी हूँ और इसके लिए क्षमा मांगने आया हूँ। पादरी ने कहा ठीक है ” ये पंख लो और इन्हें शहर के बीचों बीच बिखेर का आजाओ।” किसान ने ऐसा ही किया कुछ समय पश्चात पादरी ने किसान को एक थैला देते हुए कहा ” जाओ और उन सारे पंखों को इस थैले में भर कर ले आओ।” किसान जब शहर के बीचों बीच पहुंचा तो सारे पंख यहाँ वहाँ उड़ चुके थे किसान ने उन्हें इकठ्ठा करने की बहुत कोशिश की पर वह नाकाम रहा । किसान खली थैला लेकर पादरी के पास पहुंचा और कहा ” मैंने बहुत कोशिश की फिर भी सारे पंखों को एकत्रित नही कर पाया।”  पादरी ने कहा ” शब्द भी इन पंखों के समान ही होते हैं एक बार निकल गए तो दुबारा बापस नही आते इसलिए शब्दों को बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए।”

Moral of story :- मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि हमें अपने शब्दों का चयन बहुत सावधानी पूर्वक करना चाहिए। क्योंकि कोई आपके गलत बोले गये शब्दों के लिए आपको माफ़ तो कर सकता है । पर उन शब्दों को कभी नही भूल।सकता।

8. केंकड़े मोरल स्टोरी इन हिंदी

Hindi stories for students
यह एक बहुत ही बेहतरीन story in hindi with moral है। एक बार एक प्रोफेसर अपनी क्लास में कुछ केंकड़े लेकर आया उसने अपनी क्लास के students से कहा कि ” यदि मैं इन सारे केकड़ों को एक कम गहरे बर्तन मे रख दूँ तो क्या ये उस बर्तन से बाहर निकल सकते हैं।”  क्लास के सभी studens ने एक साथ कहा ” हाँ सर ये सभी केंकड़े उस बर्तन से आसानी से बाहर निकल जाएंगे।” प्रोफेसर न कहा ” तुम सब गलत हो ये केंकड़े उस बर्तन से बहार नही निकल पाएंगे।” सभी स्टूडेंट्स ये सुनकर आश्चर्यचकित हो गए , प्रोफेसर ने आगे कहा ” तुम्हें यकीन नही हो रहा शायद चलो प्रैक्टिकल कर के देखते हैं।” ऐसा कहकर प्रोफेसर ने केंकड़ो को एक छोटे से बर्तन में डाल दिया और students से कहा ध्यान से देखो सचमुच एक भी केंकड़े उस बर्तन के बाहर नही आया। students ने कहा ” सर क्या कारण कि एक भी केंकड़ा इस छोटे से बर्तन से बाहर नहीं निकल पाया।” 
          प्रोफेसर ने कहा ” केंकड़े की आदत है कि जब कोई केंकड़ा ऊपर चढ़ता है तो बाकी केंकड़े उसकी टांग खींच कर नीचे ले आते हैं।” यदि आपको जीवन में आगे बढ़ना है तो एक दूसरे की टांग खीचना बन्द करना होगा।
Moral of story :- मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि हम आप जब तक जीवन में कुछ नही कर सकते जब तक की एक दूसरे की टांग खींचते रहेंगे।

9. मदद

A hindi moral story
यह एक real moral story है। बहुत साल पहले दो लड़के Stanford university में पढ़ रहे थे। एक बार उन्हें पैसों की कमी पड़ी तो उन्होंने सोचा कि क्यों न इगनैसी पैडेरेस्की ( Ignacy  Paderewski) को पियानो बजाने के लिये बुलाया जाये उनके पियानो कार्यक्रम से जो पैसा इकठ्ठा होगा उसे अपनी पढ़ाई और रहने के लिए खर्च कर लेंगे।
             उस समय इगनैसी एक महान पियानों वादक थे।उनके मैनेजर ने 2000 डॉलर की गारन्टी माँगी जो की उस वक्त बहुत ज्यादा रकम थी फिर भी उन दोनों लड़को ने स्वीकार कर लिया। इस संगीत समारोह का बहुत प्रचार किया काफी मेहनत की फिर भी वो लड़के केवल 1600 डॉलर ही जुटा पाये। समारोह के बाद उन लोगो ने अपनी सारी मुसीबत उस महान पियानो वादक इगनैसी को बताई । 1600 डॉलर दिए और बाकि 400 डॉलर का एक करारनामा दिया जिसे वो जल्दी ही जमा कर देंगे। अब उन लड़कों को अपनी collge पढ़ाई का अंत भी दिख रहा था।
               लेकिन इगनैसी ने कहा ” बच्चों ऐसा नही हो सकता।” उन्होंने करारनामा फाड़ दिया और पैसे लौटते हुए कहा ” इस 1600 डॉलर में से अपने सारे खर्च के पैसे निकाल लो फिर जितनी रकम बचती है उसका 10% तुम अपने मेहनताने के तोर पर रखलो, फिर बाकि जो रकम बचेगी उसे मैं ले लूँगा।”
           साल गुजरते गये। पहला विश्व युद्ध हुआ और समाप्त ही गया। इगनैसी पैडरिस्की अब पोलैंड के प्रधानमंत्री बन चुके थे और अपने देश की भूखी जनता के लिए खाना जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनकी मदद केवल एक ही व्यक्ति क्र सकता था और वह था US Food and relief Bureau का अधिकारी हर्बर्ट हूवर । हूवर ने बिना देर किये कदम उठाया और हजारों टन अनाज पोलैंड भिजवा दिया।
         इगनैसी पैडरिस्की जब भूंखों की समस्या समाप्त हुई तो हर्बर्ट हूवर को धन्यवाद करने के लिए पेरिस गये । हूवर ने जवाब दिया ” धन्यवाद की कोई जरूरत नही मि., पैडरेसकी! आप को शायद याद नही जब मैं  collage में स्टूडेंट था , और मुश्किल में था , तब आप ने एक बार मेरी मदद की थी।”
Moral of story :-  मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि यदि आप किसी की मदद करते हैं तो आपके साथ भी अच्छा ही होता है। अच्छाई अपना रास्ता ढूंढ लेती है यह एक बुनियादी नियम है। मदद करते समय फल की इच्छा न रखें । फल तो कुदरती तौर पर आपको मिलेगा ही।

10. भौंरा

Moral hindi kahaniyan
यह एक  अच्छी moral story in hindi है। एक बार philosophy की क्लास के एक प्रोफेसर ने अपनी क्लास के लड़कों से पूछा कि ” बताओ कितने लोगो ने भौंरे को उड़ाते हुए देखा है।” सभी students ने हाथ उठाकर अपनी सहमति प्रदर्शित की कि सभी ने भौंरे को उड़ते हुए देखा है।
             प्रोफेसर ने कहा ” पर तुम को ये पता नही की विज्ञान के नियम अनुसार भौंरा कभी उड़ नही सकता। क्योंकि भौंरे का वजन ज्यादा होता है। किंतु फिर भी भौंरा उड़ जाता है क्योंकि उसे नही पता की विज्ञान उसके बारे में क्या कहता है । वह तो उड़ना चाहता है और इसके लिए कड़ी मेहनत करता है बार बार प्रयास करता है और यह वो जब तक करता रहता है जब तक की वह उड़ नही जाता। भौंरा अपनी लगन और मेहनत से सभी नियमो को गलत साबित कर देता है। मैं आज आपको भौंरा theory के बारे में बता रहा हूँ कि कोई आपके बारे में कुछ भी सोचता है उससे आपके ऊपर कोई भी फर्क नही पड़ता। फर्क तो उससे पड़ता है कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं। जैसा आप सोचते हैं और उसके लिए प्रयास करते हैं। वैसे आप बन जाते हैं जैसे की भौंरा सोचता है कि वो उड़ सकता है और उसके लिए वह प्रयास भी करता है। भौंरा सभी वैज्ञानिक सिध्दांतों को झूठा साबित कर सिद्ध कर देता है और सारी दुनिया को सिखाता है कि सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।”
Moral of story :- मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि यदि आपके अंदर सच्ची लगन है और उसके लिए आप हार्ड वर्क करते हैं । तो कोई भी असम्भव कार्य को सम्भव कर सकते हैं।

Comfort जोन से बाहर निकलें moral story in hindi

Motivational story in hindi for students

Comfort जोन से बाहर कैसे निकल ? Comfort zone के क्या नुकसान हैं? इस प्रकार के सभी सवालों का जवाब देती है यह moral story in hindi। एक बार एक साधु अपने शिष्य के साथ घूमने के लिए निकले। चलते चलते उन्हें एक जंगल में शाम हो गई। साधु महाराज ने अपने शिष्य से कहा कि ” वत्स शाम हो गई है आज की रात हमें इसी जंगल में गुजारनी होगी। जाकर देखो कहीं कोई आज रात गुजारने की जगह मिल जाये।” शिष्य अपने गुरु की आज्ञा पाकर आश्रय की तलाश करने लगा । तभी उसे एक झोपड़ी  दिखाई दी । शिष्य अपने गुरु को लेकर उस झोपडी में पँहुचा। दरवाजा खटखटाया तो एक व्यक्ति उस झोपडी से बहार आया। जैसे ही उसने देखा कि एक साधु महाराज उसके घर के सामने खड़े हैं। उसने शीघ्रता से साधु के चरण छूते हुए कहा ” आज तो मेरे भाग्य ही खुल गए जो आप मुझ गरीब के यहाँ पधारे।”

           साधु ने उस व्यक्ति को आशीर्वाद देते हुए कहा ” बेटा क्या हमको आज रात गुजारने के लिए यहाँ थोड़ी सी जगह मिल सकती है। सुबह होते ही हम यहाँ से चले जायेंगे।” व्यक्ति ने प्रसन्न होकर कहा ” महाराज आप इसे अपना ही घर समझें।”  उस व्यक्ति ने साधु महाराज का बहुत स्वागत किया अच्छा भोजन करवाया। साधु महाराज ने कहा ” बेटा मैं तुम्हारे इस अतिथि सत्कार से बहुत प्रसन्न हुआ।” साधु ने आगे कहा ” बेटा तुम इस वीरान जंगल में कैसे जीवन निर्वाह करते हो।”  उस व्यक्ति ने कहा ” महाराज मेरे पास एक भैंस है बस उसके ही दूध से जीवन निर्वाह होता है। जो मेरे पास जमीन है उसमें भैंसे के लिए चारा उगाता हूँ। मैं और मेरा परिवार इससे बहुत खुश हूँ।” साधु ने कहा ठीक है अब हम आराम करते है तुम भी सो जाओ। जब वह व्यक्ति और उसका पूरा परिवार गहन निंद्रा मे सो गया तो साधु ने अपने शिष्य से कहा चलो अब यहाँ से चलते हैं। एक काम करो ये जो जड़ी मैं तुम को देता हूँ । उसे तुम भैंस को खिला दो शिष्य ने वैसा ही किया जड़ी बूटी भैंस को खिला दी।

           जब वो लोग जंगल से बाहर निकले तो शिष्य ने साधु से पूछा कि आखिर वो जड़ी बूटी किस कार्य के लिए थी और भैंस को क्यों खिलाई? साधु ने कहा  ” वह जड़ी जहर का कार्य करती है। उसको खा कर भैंस मर जायेगी।” यह सुनकर शिष्य गुस्सा करते हुए अपने गुरु से बोला ” उसने हमारा इतना सत्कार किया और अपने उसकी आजीविका उस भैंस को मार दिया। आप बहुत ही निर्दयी हो।” साधु ने कुछ जवाब नही दिया।

         बहुत वर्ष बीत गए एक दिन साधु ने अपने उसी शिष्य से कहा “चला आज हम उस व्यक्ति के पास चलते हैं । जिसकी भैंस को हमने मार दिया था।” शिष्य ने जवाब दिया ” हमने उसकी आजीविका को खत्म कर दिया था। मेरे हिसाब से शायद अब वो जीवित भी नही होगा।” फिर भी चलकर देखते हैं कि उसका क्या हुआ। जब साधु और उसका शिष्य उसी जगह पर पहुँचते हैं तो देखते हैं कि अब झोपडी की जगह ये बहुत ही सुंदर घर बना हुआ था चारों तरफ फसल लहरा रही थी। जब इन दोनों ने दरवाजा घटघटाया तो वही व्यक्ति बाहर निकाल उसने साधु को देखते ही उनके चरणों में गिर गया। शिष्य को बहुत आश्चर्य हो रहा था उसने पूछा ” पहले ये बताओ कि तुमने इतनी तरक्की कैसें कर ली।” उस व्यक्ति ने कहा ” ये तो सब इन साधु महाराज की कृपा है । जिस दिन आप हमारे घर से गये थे उसी दिन हमारी भैंस मर गई। हमारे पास जीविका का कोई साधन नही था इसलिए हमने हमारे खेतों को साफ कर उनमें फसल बोना शुरू कर दिया। और उससे बहुत आमदनी हुई।” शिष्य को अभी भी कुछ समझ नही आ रहा था।

         साधु ने अपने शिष्य को असमंजस में पड़े देख कहा मैं समझाता हूँ ” यदि इस व्यक्ति की भैंस न मरी होती तो यह अब भी उस भैंस को ही चरा रहा होता। और इसके खेतों में फसल की जगह चारा होता। यह अपनी भैंस के अलावा कुछ नही सोचता था वह भैंसे ही इसकी प्रगति में बाधक थी। इसलिए हमने उस भैंस को मार दिया। जिसके परिणाम तुम देख ही रहे हो।”

Moral of story :- मोरल ऑफ़ स्टोरी यह है कि आपके जीवन में comfort zone ही वह भैंस है जो तुम्हें आगे बढ़ने से रोक रही है। यदि जीवन में कुछ अलग कर के दिखाना है तो comfort zone रूपी इस भैंस को मारना ही होगा।

सर्वश्रेष्ट कहानियां in hindi with moral

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  20. लुई पास्चर story in hindi
  21. सफलता का रहस्य story in hindi with moral
  22. Arjun a moral story for kids
  23. रटो नही समझो story in hindi with moral
  24. उड़ान story in hindi with moral
  25. Sheikh chilli story in hindi with moral
  26. दौड़ story in hindi with moral
  27. Paras patther story in hindi with moral
  28. Kuchh to log kahenge story in hindi with moral 
  29. जीवन बदल देने वाली कहानियां stories in hindi with moral
  30. प्रयास करते रहें story in hindi with moral
  31. एक गिलाश दूध story in hindi with moral
  32. Story in hindi with moral
  33. एक बूढ़ा story in hindi with moral
  34. Two moral story in hindi
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  37. लालची शेर short hindi story with moral
  38. जीवन संघर्ष best hindi story with moral
  39. Best hindi stories for kids
  40. Inspirational stories in hindi
  41. तितली का संघर्ष short hindi story with moral
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  45. Ignore kro short hindi story for students
  46. Apki value story in hindi with moral
  47. A genius girl story in hindi with moral 
  48. Hindi short moral story
  49. अपनी परिस्थितियों को बदलने न दें story in hindi with moral
  50. Time story in hindi for students
  51. अपने सपनों को कभी न छोड़ें story in hindi with moral
  52. समय का का इंतजार करें story in hindi with moral
  53. अपनी गलती को स्वीकारें स्टोरी इन हिंदी विथ मोरल
  54. Responsibility lein story in hindi with mora
  55. चतुर कौआ hindi moral story for kids
  56. ये कहीं आपकी कहानी तो नही story in hindi with moral
  57. अस्पताल की खिड़की story in hindi with moral
  58. दुनिया का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति story in hindi for students
  59. मुर्ख मत बनो moral hindi story for students
  60. मासूम बकरी story in hindi with moral
  61. सतर्क रहें story in hindi with moral
  62. स्वयं की मदद करें story in hindi for students
  63. तानसेन hindi story
  64. दुष्टों पर विश्वास न करें story in hindi for moral
  65. खुद को मजबूत स्थिति मे रखें story in hindi with moral
  66. You are unique story in hindi with moral
  67. हार न मानें story in hindi with moral
  68. अपने आप पर विश्वास रखें 
  69. Apni galtiyon se sikhen story in hindi with moral
  70. Prathmiktaon ka nirdharan krein story in hindi with moral
  71. Safalta ka rahsya hindi story for students
  72. Kisi ko kabhi kam n ankhein hindi story with moral
  73. Sach bolo in hindi story with moral
  74. Sabak a moral hindi story
  75. Jivan me lakshya ka nirdharan kaise krein motivational hindi article

Sabak a moral story in hindi

  सबक a moral story in hindi

यह एक moral story  है जिसमें एक बेटा अपने पिता 
को सबक सिखाता है

Story in hindi

    रामू एक बढ़ई था। वह एक गाँव में रह रहा था। उनकी मां का काफी समय पहले देहांत हो चुका है। उसके वृद्ध पिता, धर्मपाल, रामू के साथ रहते थे। धर्मपाल बहुत कमजोर थे। वह ठीक से चल भी नहीं सकते थे। ऐसा इसलिए था क्योंकि रामू उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं देता था। रामू ने अपने  पिता को एक छोटी सी मिट्टी की थाली दी थी। थाली में थोड़ी मात्रा में चावल भी ज्यादा दिखाई देता था। रामू एक बुरा आदमी था। वह एक शराबी भी था। ड्रिंक्स लेने के बाद वह अपने पिता को बुरी तरह से गाली देता ।

रामू का एक बेटा था। उसका नाम श्याम था। श्याम सिर्फ दस साल का था। वह बहुत अच्छा लड़का था। वह अपने दादा से प्यार करता था। अपने दादा के प्रति उसके मन में बहुत सम्मान था। उसे अपने  पिता का रवैया और चरित्र पसंद नहीं था, क्योंकि उसका पिता उसके दादा के साथ क्रूर व्यवहार करता था।
           एक दिन धर्मपाल  अपने खाने को मिट्टी की प्लेट से        निकाल कर खा रहे थे जो उनके बेटे ने उन्हें दे दी थी। मिट्टी का पात्र नीचे गिर गया। प्लेट टुकड़ों में टूट गई। खाना भी फर्श पर गिरा। रामू कमरे के दूसरे छोर पर काम कर रहा था। उसने टूटी हुई प्लेट देखी। वह अपने पिता से बहुत नाराज हुआ और उसने अपने पिता को गाली देने के लिए बहुत कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया। बूढ़े को बुरा लगा कि यह क्या हुआ। उसे अपनी गलती का पछतावा था। रामू के शब्दों से धर्मपाल को बहुत दुःख  पहुँचा ।
       रामू के बेटे श्याम ने ये सब  देखा। उसे अपने पिता पसंद नहीं थे। उसके पिता उसके दादा के साथ बुरा बर्ताव कर रहे थे। वह अपने पिता के खिलाफ बोलने से डरता था। वह अपने दादा के बारे में दुखी था। लेकिन वह अपने दादा के समर्थन में खड़े हो सके इतना शक्तिशाली नही था।
    अगले दिन श्याम अपने पिता के कुछ बढ़ईगीरी औजार और लकड़ी का एक टुकड़ा ले गया। और वह एक लकड़ी की प्लेट बनाने लगा। उसके  पिता ने उन्हें काम करते हुए देखा।
तुम क्या बना रहे हो, श्याम?” उन्होंने पूछा।
“मैं एक लकड़ी की थाली बना रहा हूँ!” श्याम ने कहा।
“एक लकड़ी की प्लेट! किस लिए? ”रामू ने पूछा।
“मैं इसे आपके लिए बना रहा हूं, पिताजी। जब आप बूढ़े हो जाओगे , तो मेरे दादाजी की तरह, आपको भोजन के लिए एक प्लेट की आवश्यकता होगी। मिट्टी से बनी  प्लेट बहुत आसानी से टूट जाती है। तब मैं आपको गंभीर रूप से डांट सकता हूं।
इसलिए, मैं आपको एक लकड़ी की प्लेट देना चाहता हूं। यह इतनी आसानी से नहीं टूटेगी। ”
यह सुनकर बढ़ई हैरान रह गया। अब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। उसके पिता रामू से  कितना प्यार करते  थे, उन्होंने रामू की बहुत अच्छी देखभाल की थी। अब, वह बूढ़ा हो गया था। रामू अपने पिता के साथ ख़राब  व्यवहार कर रहा था। रामू अब अपने व्यवहार से बहुत दुखी हुआ। उसे अपनी गलतियों का एहसास हुआ। वह फिर एक अलग व्यक्ति बन गया।
   उस दिन से, रामू ने अपने पिता के साथ बहुत सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू  किया। उसने शराब पीना भी छोड़ दिया। रामू ने अपने ही बेटे से सबक सीखा।
Moral of story :- जैसा व्यवहार आप आज अपने माँ बाप से कर रहे हैं । वैसा ही व्यवहार आप के बच्चे आपके साथ करेंगे। अतः अपने माँ बाप के साथ सम्मान और प्यार से पेश आएं । ये आपका फर्ज है।

Hamesha Sach bolo story

       सच बोलो story in hindi

दोस्तों आज हम एक और नई story सच बोलो स्टोरी इन हिंदी लेकर आये हैं। यह story यह समझाने की कोशिश करती है कि हमें हमेशा सच ही क्यों बोलना चाहिए?
सच बोलें स्टोरी इन हिंदी

   
    एक चरवाहा लड़का अपने मालिक की भेड़ों को गांव से बहुत दूर एक घने जंगल में चराने के लिया ले जाता था। जल्द हि वह इस कार्य से बोर होने लगा। वह समय पास  करने के लिए अपने कुत्ते से बात करता या फिर कोई खेल खेलने लगता था।

   एक दिन जब वह भेड़ों को और घने जंगल में ले गया।  वह सोचने लगा  कि वह अब क्या करेगा।  तो उसने सोचा यदि अभी  एक भेड़िया आ जाये तो क्या होगा, यह एक अच्छी योजना थी। उसके  मालिक  ने उससे कहा था कि जब भेड़िया  झुंड पर हमला करे तो मदद मांगनी चाहिए, और ग्रामीणों को बुला लेना चाहिए। तो अब, हालांकि उसने कुछ भी नहीं देखा था फिर भी, वह जोर से चिल्लाते हुए गाँव की ओर भागा, “भेड़िया! भेड़िया!”

     जैसा कि उसने उम्मीद की थी, उसके चिल्लाने और रोने की आवाज सुनकर  ग्रामीणों ने अपना काम छोड़ दिया और वो जंगल की ओर दौड़े। लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो उन्होंने पाया कि लड़के ने उन के साथ एक गन्दा मज़ाक किया, वह लड़का ग्रामीणों के ऊपर खूब हँसा। कुछ दिनों बाद  फिर वह चिल्लाया, “भेड़िया! भेड़िया!” फिर से ग्रामीण उसकी मदद करने के लिए दौड़े, इस बार फिर से उस लड़के ने ग्रामीणों का मज़ाक उड़ाया।

    फिर एक शाम जब सूरज जंगल के पीछे से छिप रहा था और चरागाह पर छाया पड़ रही थी, एक भेड़िया ने वास्तव में भेड़ों पर आक्रमण कर दिया।

दहशत में लड़का “भेड़िया आया चिल्लाता हुआ गाँव की ओर भागा! भेड़िया!”  हालांकि ग्रामीणों ने उसका रोना सुना, पर वे उस की मदद करने के लिए नहीं आये, उन्होंने सोचा की। “यह लड़का  फिर से हमें बेवकूफ  बना रहा है,”

उस लड़के की कई भेड़ों को उस भेड़िया ने मार डाला और फिर जंगल की ओर में चला गया। अब उस लड़के को अपनी गलती पर पछतावा हुआ।

Moral of story: अगर आप झूठ बोलते रहे , तो आप अपनी विश्वसनीयता खो दोगे कोई भी फिर आपके सच बोलने पर भी विश्वास नहीं करेगा। इसलिए हमेशा सत्य बोलो।

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Kisi ko bhi kabhi kam na samajhe story

   

 किसी को कभी भी कम न समझें story in hindi

आज हम आपके लिए एक और motivational story in hindi लेकर है। अक्सर लोग हमसे बोलते हैं कि ” तुम जीवन में कुछ नही कर सकते ” क्या वो सच बोलते है? इस सवाल का जबाव देती है आज की story in hindi

 किसी को कभी भी कम न समझें story in hindi

“तुम जीवन में कुछ भी बड़ा नहीं कर सकते ”, वरिष्ठ प्रबंधक ने चिल्लाकर उसे निकाल दिया।MBA करने के बाद यह उसका पहला जॉब था। आशा और आकांक्षा के साथ वह एक  प्रतिभाशाली युवक था।

सपने आसमान में थे, लेकिन वास्तविकता इस क्रूर दुनिया की कड़वी है।

अपनी पहली नौकरी खोने के बाद वह घबरा गया था; अभी भी, आत्मविश्वास चरम पर था।

उसने दूसरी नौकरी के लिए आवेदन किया।

प्रबंधक, “उन्होंने आपको क्यों निकाल दिया?”

उनके पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था। प्रबंधक  ने उन्हें नौकरी के लिए अस्वीकार कर दिया।

 इस बार उसे अधिक घबराहट हुई, लेकिन आशा अभी भी जीवित थी।

फिर, अंतहीन उत्साह के साथ, उसने  नई नौकरी के लिए आवेदन किया।

“ठीक है, हम आपको जॉब देना चाहते हैं, लेकिन वेतन प्रति माह 10000 होगा।” कुंद स्वर के साथ प्रबंधक।

उसके पास ज्वाइन करने के अलावा कोई चारा नहीं था।

उसने पूरे जोश के साथ वहां काम करना शुरू किया। उसने सभी अवसरों को पाने  के लिए वहां कड़ी मेहनत की। उसका काम प्रमोशन पाने के लिए काफी अच्छा था लेकिन ऑफिस की राजनीति के कारण उसे ऐसा नहीं मिला।

वह मामूली परिवार से था। बूढ़े माता-पिता, अविवाहित युवा बहन और अधूरे सपनों के साथ एक भाई उसकी संपत्ति थे।

उसका दुनिया पर राज करने का सपना था। उसका माता-पिता के जीवन में स्वास्थ्य, धन और खुशियों की रोशनी लाने का सपना था।

 जीवन एक पल में कैसे बदल सकता है। यह कोई नही जनता है।

एक दिन, वह पगडंडी से चल रहा था;

“मैडम के लिए ये फूल ले जाइए, सर”, उसने देखा, छोटी लड़की उससे पूछ रही थी, सपने के साथ उन गुलाबों को बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण करने का।

“तुम यहाँ ये गुलाब क्यों बेचते हो?”, उसने लड़की से पूछा।

“मुझे अपने परिवार का भरण पोषण करना है। भूख हमारे लिए एक दुश्मन है, उस क्रूर दुश्मन से लड़ने के लिए, मुझे यहां गुलाब बेचना है। ”, उसने जवाब दिया।

सहानुभूति के साथ उसकी आँखों से आँसू आ गए।

उसने अदृश्य दुश्मन-द हंगर से लड़ने के लिए उस छोटी सी योद्धा लड़की से मुट्ठी भर गुलाब खरीदे।

अंधेरी रात में घड़ी बहुत तेजी से टिक रही थी। वह अपने बिस्तर पर हाथ में गुलाब लेकर बैठा था। विचार लगातार उसके दिमाग में बह रहे थे।

अचानक, उसने सशक्त विचारों में से एक विचार को पकड़ लिया।

“मैं अनपढ़ लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकता हूं”, उसने खुद से पूछा। उसे जबाव  पता था।

उसने नौकरी से इस्तीफा दे दिया; उसके सभी सहयोगियों के लिए अप्रत्याशित कदम था।

उसने उस छोटी लड़की को खोजना शुरू किया, जिसने उसे जीवन का सबक सिखाया। वह शहर की बस्ती में खड़ा था; उसने उस छोटी लड़की को देखा, जो उसके सामने खड़ी थी।

“क्या आप मुझसे अधिक गुलाब चाहते हैं, सर?” उस खूबसूरत छोटी लड़की ने उसे मुस्कुराहट और आशा के साथ काम करने के लिए कहा।

“नहीं, लेकिन मेरे पास आपके लिए कुछ और है।”, उसने जवाब दिया।

“वह क्या है”, लड़की

“मैं तुम्हारे दुश्मन से लड़ना चाहता हूं।”, उसने  अधीर होकर कहा।

उसने हर जगह से संसाधनों को इकट्ठा किया, वह संभवतः जो कर सकता था। फिर, उसने  एनजीओ को भूख और ज़रूरतमंद लोगों को खिलाने के लिए शुरू किया।

उनके जीवन का उद्देश्य सरल था “भुखमरी को नष्ट करें”। उन्होंने अपने करियर और जीवन को महान उद्देश्य के लिए समर्पित किया।

जल्द ही, वह अनपढ़ लोगों के सामाजिक सशक्तीकरण का चेहरा था। उसने “हृदयहीन दुश्मन” को गिराने के लिए ज़रूरतमंद लोगों की मदद करके अपने जीवन के उद्देश्य को पूरा किया।

उसने ऐसा करके अपार संतुष्टि और संतुष्टि हासिल की।

वह अपने दोस्तों के साथ वहां मुख्य अतिथि था;

उसके सभी दोस्त सड़कों, फुटपाथों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टॉप से ​​एकत्र हुए थे।

उनका स्वागत करने के लिए सबसे मूल्यवान कंपनी के सीईओ थे। सीईओ ने उनका स्वागत किया और उन्हें गुलदस्ता दिया।

“क्या आपने मुझे पहचाना?” उसने सीईओ से पूछा।

“हाँ सर, आज सारी दुनिया आपको मानवता की सेवा के लिए जानती है। आप महान इंसान हैं ”सीईओ ने जवाब दिया।

लेकिन, मैं आपको याद दिलाने के लिए जानता हूं, कि मैं वही इंसान हूँ जिससे आपने कहा था कि”तुम जीवन में कुछ भी बड़ा नहीं कर सकते।”

यह कहकर वह गर्व और आंतरिक संतुष्टि के साथ मंच की ओर बड़ा।

सीईओ अब भी सदमे में थे।

“कभी भी किसी भी व्यक्ति की असीमित शक्ति को कम मत समझो।”

Moral of story:

भूख जीवन का सबसे बड़ा दुश्मन है। यदि आप भूख को नष्ट करने के लिए थोड़ी मात्रा में धन या समय का योगदान कर सकते हैं, तो ऐसा करने में संकोच न करें।

कभी किसी को न बताएं कि: “वह जीवन में कुछ नहीं कर सकता है”।

जीवन में विकास की असीमित क्षमता हर किसी के पास होती है। लोगों के जीवन में अंतर लाने की कोशिश करें और दुनिया आपको एक नेता के रूप में पहचान देगी।

आपसे एक अपील।

     यदि आपको लगता है, आपको समाज में योगदान देना चाहिए, तो अपने साथियों के साथ इस तरह की शक्तिशाली, प्रेरक और प्रेरक छोटी कहानियों को साझा करके अपने चारों ओर सकारात्मकता फैलाने का प्रयास करें।धन्यवाद!

Safalta ka Rahasya story

सफलता का रहस्य story in hindi

सफलता का रहस्य story in hindi  यह सुकरात की एक छोटी प्रेरक कहानी है। सुकरात एक महान यूनानी दार्शनिक और पश्चिमी दर्शनशास्त्र के संस्थापकों में से एक थे।
सफलता का रहस्य story in hindi

एक बार एक जवान लड़का था। वह बहुत आलसी और काम और प्रगति के प्रति उदासीन  था। उसकी मानसिकता जीवन के प्रति नकारात्मक थी। वह अपने जीवन से बहुत दुखी था।

एक दिन कोई उसे महान दार्शनिक सुकरात से कुछ शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहता है।

तब वह युवा लड़का सुकरात के पास पहुँचा  और उसने सुकरात से पूछा कि उसे ज्ञान, समृद्धि और सफलता कैसे मिल सकती है।

सुकरात ने उसे उत्तर दिया, “क्या तुम वास्तव में यह चाहते हो और क्या तुम उसके लिए स्वयं को समर्पित करने के लिए तैयार हो?”

युवा लड़के ने  कहा, “मैं अपने जीवन में सफल होना चाहता हूं और उसके लिए कुछ भी कर सकता हूं।”

 सुकरात ने उससे कहा, “ठीक है, तुम्हें अगले दिन मेरे पास आना होगा।

अगले दिन, सुकरात उस लड़के को एक नदी में ले गये, और उसे आदेश दिया,

“तुम मेरे साथ गहरे पानी में चलो”।

लड़के ने सुकरात के आदेश का पालन किया।

फिर अचानक सुकरात ने अपनी पूरी ताकत के साथ लड़के के सिर को पानी के नीचे धकेल दिया और उसे वहां रखा, जब तक कि लड़का सांस लेने के लिए बुरी तरह से हांफने न लगा, उस लड़के ने बहुत जोर लगाया  और अपना सिर छुड़ा लिया।

 पर कुछ ही देर में लड़का कुछ समय के लिए बेहोश हो गया।

जब लड़के को वापस होश आया तो  सुकरात ने उससे पूछा, “जब आप पानी के नीचे थे, तो तुमने  सबसे ज्यादा किस चीज की  इच्छा की थी?”
“मैं प्रबल इच्छा थी की में किसी भी तरह साँस के लिया हवा  लूँ”, लड़के ने कहा।

सुकरात ने उससे कहा, “जब तुम  ज्ञान  और सफलता को  उतना ही चाहते हैं जितना कि आप पानी में डूबे होने पर हवा चाहते हैं, तो आप निश्यचित ही सफलता प्राप्त करेंगे”।

सुकरात के इस प्रकार समझाने  पर उस लड़के को यह अच्छी तरह समझ में आ गया  कि प्रबल इच्छा ही जीवन में सफल होने के लिए महत्वपूर्ण कुंजी है।

Moral of story:-

यदि आप जीवन में कुछ महान प्राप्त करना चाहते हैं, तो उस विशेष चीज के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और जुनून का निर्माण करें। प्रबल इच्छा और शक्तिशाली विश्वास, असंभव को संभव में बदल देते हैं।

     
   
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Prathmikataon ka nirdharan

      प्राथमिकताओं का निर्धारण करें story in hindi


एक दर्शनशास्त्री अपनी कक्षा के सामने टेबल पर कुछ वस्तुओं के साथ खड़ा था। जब कक्षा शुरू हुई, तो  उन्होंने एक बहुत बड़ी और खाली  जार ( पानी का बर्तन)  उठाया और इसे छोटे छोटे पत्थरों   से भर दिया ।

Story in hindi for students

उन्होंने तब छात्रों से पूछा कि क्या जार भरा हुआ है। सभी छत्रों ने कहा हाँ ” ये भरा हुआ है।

तो प्रोफेसर ने  बहुत छोटे कंकड़ का एक डिब्बा उठाया और उन्हें जार में डाल दिया। उसने जार को हलके से हिलाया। कंकड़, बेशक, छोटे पत्थरों  के बीच के गैप  में सेट हो गए ।

उन्होंने तब छात्रों से फिर पूछा कि क्या जार भरा हुआ है। वे सहमत थे कि जार भर गया है।

प्रोफेसर ने रेत का एक डिब्बा उठाया और जार में डाल दिया। बेशक, रेत ने जार के शेष खुले क्षेत्रों को भर दिया।

उन्होंने तब एक बार फिर पूछा कि क्या जार भरा हुआ है। छात्रों ने एकमत से जवाब दिया “हाँ।”

“अब,” प्रोफेसर ने कहा, “मैं चाहता हूं कि आप यह पहचानें कि यह जार आपके जीवन का प्रतिनिधित्व करता है। पत्थर के टुकड़े वो महत्वपूर्ण चीजें हैं – आपका परिवार, आपका साथी, आपका स्वास्थ्य, आपके बच्चे – ऐसी चीजें जो अगर बाकी सब कुछ खो गईं और केवल वे बनी रहीं, तो आपका जीवन अभी भी भरा रहेगा। कंकड़ अन्य चीजें हैं जो मायने रखती हैं – जैसे आपकी नौकरी, आपका घर, आपकी कार। रेत बाकी सब कुछ है, छोटा सामान। ”

“अगर आप रेत को पहले जार में डालते हैं,” उन्होंने जारी रखा, “कंकड़ या चट्टानों के लिए कोई जगह नहीं है। वही तुम्हारे जीवन के लिए जाता है। यदि आप अपना सारा समय और ऊर्जा छोटे सामान पर खर्च करते हैं, तो आपके पास कभी भी उन चीजों के लिए जगह नहीं होगी जो आपके लिए महत्वपूर्ण हैं। उन चीजों पर ध्यान दें जो आपकी खुशी के लिए महत्वपूर्ण हैं। अपने बच्चों के साथ खेलें। अपने साथी समय बिताएं । ”

Moral of story:-


“पहले चट्टानों का ध्यान रखो – जो चीजें वास्तव में मायने रखती हैं। अपनी प्राथमिकताएँ निर्धारित करें। बाकी सिर्फ रेत है। ”


story in hindi.

         

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YOU ARE UNIQUE STORY IN HINDI

        YOU ARE UNIQUE STORY IN HINDI

सोचें कि यह एक आप एक उल्लेखनीय, उपयोगी और चमत्कारी चीज है ! पृथ्वी पर आने और जाने वाले सभी लोगों में से, समय की शुरुआत से, उनमें से कोई भी आप जैसा नहीं है!

Story in hindi


कोई भी आप जैसा जो नहीं रहा है न कभी आने वाला है, आपकी क्षमताओं, प्रतिभा, उपस्थिति, दोस्तों, परिचितों, बोझ, दुख और अवसरों का संयोजन सब यूनिक है।

किसी के बाल ठीक वैसे ही नहीं बढ़ते हैं जैसे आप के हैं। किसी का भी फिंगर प्रिंट आपके जैसा नहीं है। चुटकुले और पारिवारिक अभिव्यक्तियों के अंदर किसी के पास रहस्य का समान संयोजन नहीं है जो आप जानते हैं।
कुछ ही लोग जो आपकी हर बात पर हंसते हैं, वे आपके काम करने के तरीके को नहीं छीन सकते  हैं। जैसा आप सोचते  हैं  चिंताओं के बारे में कोई भी अन्य नहीं सोच सकता है।

न पहले कोई, न कोई आने वाला। आप पूरी तरह से अद्वितीय हैं!

इस विशिष्टता का आनंद लें। किसी और की तरह दिखने के लिए आपको दिखावा करने की ज़रूरत नहीं है। आप किसी और के समान नहीं हैं। आपको अपने उन हिस्सों को छुपाने के लिए झूठ बोलने की ज़रूरत नहीं है जो किसी और में नहीं दिखते हैं।

आप अलग होने के लिए हैं। अब तक के इतिहास में कभी भी किसी के दिमाग, आत्मा और आत्मा में वैसी ही बातें नहीं होंगी जैसी अभी आपके भीतर चल रही हैं।

आप का जन्म किसी महान कार्य के लिए हुआ है ।जिसे केवल आप को ही करना है । आप के अलावा उसे कोई नही कर सकता क्योंकि आप यूनिक हो।

आप विशिष्टता का खजाना हैं। यह केवल आपको दिया गया एक उपहार है। इसका आनंद लें और इसे साझा करें!

कोई भी दूसरों तक उसी तरह से नहीं पहुंच सकता है जिस तरह से आप कर सकते हैं। आपकी बात कोई नहीं बोल सकता। कोई भी आपका मतलब नहीं बता सकता है। आपके आराम से कोई आराम नहीं कर सकता। कोई भी व्यक्ति आपकी समझ को दूसरे व्यक्ति तक नहीं ला सकता है।

कोई भी आपके जैसा  हंसमुख और खुशमिजाज  नहीं हो सकता। आपकी मुस्कुराहट पर कोई भी फिदा हो सकता है। कोई और आपके लिए पूरे अनोखे प्रभाव को दूसरे इंसान तक नहीं पहुंचा सकता।

आप अपनी इस विशिष्टता को दूसरों से साझा करें। इसे अपने परिवार और दोस्तों और उन लोगों के बीच प्रवाहित करने के लिए स्वतंत्र होने दें, जहां आप कहीं भी हों, वहां रहने की हड़बड़ी और अव्यवस्था में मिलते हैं। यूनिकता का यह उपहार आपको आनंद और साझा करने के लिए दिया गया है। अपने आप को  इससे दूर  न रखें!

इसे देखें! इसे प्राप्त करें ! इसे आप गुदगुदी करने दें! इसे आप को सूचित करने और आप को प्रेरित करने दो! आप अलग हैं!
आप यूनिक हैं। आपके जैसा इस संसार में कोई और नही!

Moral:-  भगवान ने आपको जो unique होने का गिफ्ट दिया है उस किसी और के जैसे बनने में बर्वाद न करें।

Khud ko strong bnaye

      खुद को मजबूत स्थिति में रखें story in hindi

हाल ही में रवि

In hindi stories, story in hindi for students

का एक कार एक्सीडेंट हुआ था। इसलिए उसने मरम्मत कार्य को करने के लिए अपनी कार को गैरेज में दे दिया। चूंकि उसे रोज़ाना नौकरी पर जाना था, इसलिए उसने तय किया कि जब तक कार तैयार नहीं हो जाती, तब तक वह मेट्रो ट्रेन से यात्रा करेंगे। एक दिन, उसने रात में ट्रेन स्टेशन पर एक गरीब आदमी को देखा। उसे उस पर दया आ गई, इसलिए उसने उसे अपनी जेब से कुछ रुपए निकाल कर उसको दे दिये।

उस आदमी ने इसके लिए उसे धन्यवाद दिया। अगले दिन फिर, उसने उसी जगह पर उस गरीब आदमी को देखा। इस बार हालांकि रवि ने उसे कुछ खाने के लिए दिया, इसलिए वह स्टेशन के बाहर गया और उसे भोजन करवाया। उस गरीब आदमी ने उसकी दया के लिए धन्यवाद दिया। लेकिन रवि उत्सुक हो गया और उससे पूछा, “आप इस स्थिति में कैसे पहुंचे?”

उस  आदमी ने रवि को देखा और एक मुस्कुराहट के साथ, उसने कहा, “दूसरों की हेल्प करने से।” रवि को यह समझ में नहीं आया, इसलिए उसने उससे पूछा, “तुम्हारा क्या मतलब है?” उस आदमी ने जवाब दिया कि “मेरे पूरे जीवन के दौरान, मैंने यह सुनिश्चित किया कि हर कोई खुश रहे। कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरे जीवन में क्या सही या गलत हो रहा था, मैंने हमेशा सभी की मदद की। ”
रवि ने उससे पूछा, “क्या आपको इसका अफसोस है?” जिस पर उस आदमी ने जवाब दिया, “नहीं, यह सिर्फ मेरी आत्मा को चोट पहुँचाता है कि जिन लोगों को मैंने अपनी  कमीज़ दी थी, वे मुझे उसी शर्ट की एक आस्तीन नहीं देंगे जब मुझे ज़रूरत थी। बेटे, अपना घर बनाने और किसी को शरण देने के लिए आमंत्रित करने से बेहतर है कि तुम अपना ईंट-पत्थर उसे सौंप दो जबकि तुम उसका निर्माण कर रहे हो।  एक दिन आप  देखेंगे कि जहां आपने अपना घर बनाने की योजना बनाई थी। यहां एक खाली प्लॉट होगा। और वो ईंटे भी गायब हो चुकी होंगी जो अपने दूसरों को वो घर बनाने के लिए दी थी। ”

रवि समझ गया कि गरीब  आदमी का क्या मतलब है और अच्छी सलाह के लिए उसे धन्यवाद दिया।

Moral: दूसरों की मदद करना कोई बुरी बात नहीं है। लेकिन कभी-कभी, जब हम दूसरों की मदद कर रहे होते हैं, हम अपनी समस्याओं और जरूरतों को भूल जाते हैं।
 आप खुद को कमजोर स्थिति में लाने के बजाय मजबूत स्थिति में रहकर बहुत कुछ कर सकते हैं।


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Dushto par vishwas na kare

          दुष्टों पर विश्वाश न करें story in hindi

एक किसान अपने खेत से एक सर्द सुबह अपने घर की और जा रहा था । उसने देखा की जमीन पर एक साँप पड़ा है,वह अधिक  ठंड के कारण मरने वाला है । किसान जानता था कि साँप कितना घातक हो सकता है, और फिर भी उसने उसे उठाया और उसे वापस जीवन के लिए उसे गर्माहट देने के लिए अपनी छाती से चिपका   लिया।

Hindi stories, motivational story in hindi for students

सांप जल्द ही पुनर्जीवित हो गया, और जब उसके पास पर्याप्त ताकत आ गई, तो उस सांप ने उसी आदमी  को काट दिया जिसने उसकी जिंदगी बचाई थी। साँप काफी विषैला था और किसान को लगा कि उसे अब मरना होगा। जैसे ही उसने अपनी आखिरी सांस ली, उसने आसपास खड़े लोगों से कहा, “मेरी इस दशा से सीखो कि एक बदमाश पर कभी भी दया न करें”।

Moral: कुछ ऐसे होते हैं जो अपने स्वभाव को कभी नहीं बदलते हैं, फिर चाहे हम उनके साथ कितना भी अच्छा व्यवहार करें। हमेशा सतर्क रहें और उन लोगों से दूरी बनाए रखें जो केवल अपने फायदे के बारे में सोचते हैं और उसके लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।


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